महिला ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (एएनएम) बिना संसाधन के अपने घर पर महिलाओं की कर रही थी नसबंदी

- योगेश केशरवानी

बिलाईगढ़ बलौदाबाजार: दरसल यह मामला बलौदाबाजार जिला के पलारी थाना क्षेत्र का है जहां ऐसे ही नसबंदी के एक प्रकरण में मरीज की मौत होने पर प्रशासन ने एएनएम के घर-क्लीनिक में छापा मारकर कार्रवाई कर सीलबंद किया. वहीं प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही आरोपी एएनएम घर-क्लीनिक में ताला लगाकर फरार हो चुकी थी.जानकारी के अनुसार, मामला बलौदा बाजार जिले के पलारी ब्लॉक के गुमा गांव का है,

जहां 20 मई को अपने मायके आई चार बच्चों की मां पूर्णिमा पाल ने घरवालों के कहने पर नसबंदी कराने बलौदाबाजार में रहने वाली एएनएम डालेश्वरी यदु से संपर्क किया. डालेश्वरी के 7 हजार रुपए लेकर नसबंदी करने की बात कही. रकम की व्यवस्था कर पूर्णिमा नर्स के घर पहुंची, जहां नर्स ने बलौदाबाजार के रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी की मदद से बिना जांच किए पूर्णिमा की सीधे नसबंदी कर दी,

और करीब 3 घंटे में ही उसकी छुट्टी दे दी.मई को अचानक पूर्णिमा की तबीयत खराब हो गई, जिसे रात 8 बजे लेकर घर वाले फिर नर्स डागेश्वरी के घर पहुंचे. नर्स ने डॉ. तिवारी से फोन पर सलाह लेकर एक दिन घर पर ही इलाज किया और 23 तारीख को डेढ़ बजे डिस्चार्ज कर दिया. इस बार नर्स ने पीड़िता से 3 हजार रुपए फिर ले लिये.

लेकिन रात को पूर्णिमा की फिर तबीयत खराब हुई तो उसे रायपुर रेफर कर दिया, जहां पूर्णिमा की मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. परिजनों ने मामले में सिविल लाइंस थाने, रायपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई है.मामले की जानकारी होने पर तहसीलदार गौतम सिंह, नायाब तहसीलदार अंजली शर्मा ने सीएमओ योगेश शर्मा, बीएमओ केएल बंजारे और पुलिस टीम के साथ छापामार कार्रवाई की.

इस दौरान घर में महंगी शराब की बोलतों के साथ प्रेस का एक आई का़र्ड भी जब्त किया गया. शराब की बोतलें और प्रेस आई कार्ड मिलने से हैरान पुलिस जांच में जुटी हुई है. इधर मामले की जानकारी होने पर बलौदाबाजार सीएमएचओ ने एएनएम को निलंबित करने की कार्रवाई की है.

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