मजदूरों के दुख-दर्द का तुझ पर हो असर कुछ ऐसा, आमसभा एवं पोल -खोल आंदोलन

सी.एल. सोनी

बिलासपुर:

मजदूर आंदोलन का इतिहास भारत में बगैर आज ऐसे युनियन ही समझौते का श्रेय बटोर रहे है, मजदूर अच्छी तरह समझता है, भारत सरकार न केवल साम्प्रदायिक है बल्कि घनघोर मजदूर विरोधी, है, श्रम कानून में परिवर्तन कर , मजदूरों को नर्क में डाल दिया है, 11 सेंट्रल ट्रेड यूनियनें मिलकर भारत सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रही है, कई हड़तालें की है.

कोयला उघोग में कामर्सियल माइनिंग के सवाल पर कुछ यूनियन भारत सरकार के साथ खड़ी है, कुछ यूनियनें एक दूसरे को फूटी आंख नहीं देखती थी, आज मिलकर नागपुर की नारंगी एक थाली में खा रहे है, हद तो तब हो गया, जब कथित नेता कोयल उघोग में तबाही का कारण कोयला मजदूरों को बता रहे है, एटक का साफ मानना है कि कोयला उघोग में तबाही का कारण केवल एंव केवल भारत सरकार एंव कोयला प्रबंधन है, तबाही से आजादी मिलने का एक ही रास्ता है.

मिलकर संघर्श , सरकार एवं कोयला प्रबंधन की हरवाही करने से नेताओं का व्यक्तिगत लाभ हो सकता है, मजदूरो, को नहीं, ऐसी परिस्थिति में एकक जैसा क्रांतिकारी संगठन चु नहीं बैठ सकता है, इसीलिए 9 अगस्त 2018 को एस.ईसी.एल. मुख्यालय के सामने हजारों की संख्या में 11 बजे मजदूर भाई, बहन बिलासपुर पहुंचे और सरकार एवं कोयला प्रबंधन को हिलाकर रख देवें तमाम युनियनों से अपील है.

ये हैं मुख्य मांगें

1 कोयला मजदरेा केा गे्रच्यूटी 1.7.2018 से 20 लाख रूपये भुगतान करो 2. कामर्सिय माइनिंग बंद करो 3. स्टैगर्ड रेस्ट की चर्चा बंद करो 4. श्रम कानून में परिवर्तन बंद करो 5. निष्चित अवधि के लिए रोजगार देने का कानून वापस लो 6.एन दृसी. डब्ल्यू.ए-10 का बकाया एरिर्यस का भुगतान तत्काल करो

7. रिटायर्ड कर्मचारियों को एन.सी.डब्ल्यू.ए -10 वें वेतन समझौते का एरियर्स का भुगतान करो 8. ठेका मजदूरों को एच.पी.सी बेज का भुगतान करो, पेमेंट स्लीप आबंटित करो, उन्हें सी.एम.पी.एफ. का सदस्य बनाओं 9. दुर्घटना में मारे गये ठेका मजदूरों को अतिरिक्त मुआबजा 5 लाख रूपये का भुगतान करो.

10. 9.4.0 के तहत मेडिकल बोर्ड बैठाओं एवं अनफिट मजदूरों के आश्रितों को रोजगार दो 11. डिसेंट हाउसिंग के गुणवत्ता की जांच कराओं 12. बदले की भावना से प्रबंधन द्वारा बर्खास्त मजदूरों को बहाल करो, 13 फर्जी षिकयत के आधार पर कार्यवाही प्रबंधन बंद करे तथा सतर्कता विभाग का डर दिखाकर मजदूरों को प्रबंधन तंग न करे,

14 , ठेका पर लगे कालरी में छोटी-बड़ी वाहनों के ड्राईवर को एच.पी.सी.बेज दो 15 दृ 14 अपै्रल 2018 को पेड़ होली डे मानकर बेज का भुगतान करो 16. मृत कर्मचारियों के आश्रितों को एक माह के भीतर रोजगार मुहैया कराओं 17. 10 वें वेतन समझौते के सभी बिन्दुओं को लागू करो, 18. कर्मचारियों एवं पूर्व कर्मचारियों के सभी बच्चों को पी.डी.पी.डी. की दो 19 रिटायर्ड कर्मचारियों का मेडिकल बिल का भुगतान सभी क्षेत्रों में किया जाए 20. बीमार कर्मचारियों एवे उनके आश्रितों का हायर सेंटर में रेफर पूर्व की भांति क्षेत्र से ही किया जाए
21. उच्च षिक्षारत कर्मचारियों के बच्चों को बीमार होने एवं दुर्घटना होने पर रेफर प्रक्रिया को सरल किया जाए 22. खदानों में दुर्घटना को गम्भीरता से लो तथा दोशियों को सजा दो,

23. कार्य स्थल पर पीने का षुद्व पेयजजल मुहैया कराओं 24 नई खदान अधिक से अधिक खोले जाएं कर्मचारियों के आवास की व्यवस्था खदान के साथ ही किया जाए , जिनकी जमीन अधिग्रहित की जाती है, समय सीमा के अन्दर रोजगार एवं मुआवजा दिया जाए, 25 तीस रेटेड कर्मचारियों का एमजीबी भी उनके मूल वेतन में जोड़ा जावे,

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