जनवरी से इज्जर में खुलेगा देश का सबसे बड़ा कैंसर अस्पताल, AIIMS के अधीन करेगा काम

नई दिल्ली।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा के झज्जर जिले में बना राष्ट्रीय कैंसर संस्थान जनवरी के तीसरे हफ्ते में खोल दिया जाएगा। इसे देश का सबसे बड़ा कैंसर अस्पताल कहा जा रहा है।

इस संस्थान को देश में कैंसर की बीमारी के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में अहम माना जा रहा है। यह उत्तरी क्षेत्र में कैंसर के बेहतर इलाज की कमी को दूर करने में भूमिका अदा करेगा। नड्डा ने दिल्ली के एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, झज्जर में बने राष्ट्रीय कैंसर संस्थान को जनवरी के तीसरे हफ्ते में राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।

बाधसा गांव में बने इस संस्थान में 710 बेड होंगे। इनमें से कैंसर पर अनुसंधान करने के लिए 200 बेड होंगे। बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) सेवा को पिछले हफ्ते आंशिक रूप से खोला गया है।

इलाज के लिए होंगी जरूरी सभी सुविधाएं

इस संस्थान में कैंसर का इलाज करने के लिए ऑपरेशन, रेडिएशन समेत अन्य सुविधाएं होंगी। इसमें भारत का अपनी तरह का पहला उत्तक (टिशू) बैंक भी होगा। यह संस्थान दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अंतर्गत होगा। इसका संचालन अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट और जर्मनी के जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर (डीकेएफजे) की तर्ज पर होगा। यह संस्थान देश में देखभाल और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में शोधात्मक, प्रोत्साहक, निवारक और उपचारात्मक पहलू के लिए नोडल एजेंसी भी होगा।

2013 में दी गई थी मंजूरी

मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पिछली केंद्र सरकार ने 2013 में इस संस्थान को मंजूरी दी थी। 2035 करोड़ रुपये की लागत से यह बनकर तैयार हुआ है। ज्ञात हो कि दुनियाभर में 80 लाख से अधिक कैंसर पीड़ित हैं, जिनमें से 29 लाख भारत में हैं। हर साल कैंसर के करीब 11 लाख नए मरीजों की खोज हो जाती है।

ये हैं देश के पांच बड़े कैंसर अस्पताल

– टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, परेल, मुंबई
– किदवई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ओन्कोलॉजी, बेंगलुरु
– पी.डी. हिन्दुजा नेशनल हॉस्पिटल, मुंबई
– अपोलो कैंसर हॉस्पिटल, चेन्नई
– रिजनल कैंसर सेंटर, तिरुवनंतपुरम

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