छत्तीसगढ़

कम्बल और लेखनसामग्री पाकर मजदूर महिलाओं और बच्चों के चेहरे

अनपढ़ महिलाओंको किया लिखने-पढने के लिए प्रेरित

रायपुर : नारायणी
साहित्य अकादमी एवं चरामेति एजुकेशन रिसर्च एन्ड ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूशन फोर यूथ (चरामेति फाउंडेशन) के संयुक्त तत्वावधान
में रिंग रोड क्रमांक एक स्थित इन्द्र प्रस्थ सोसायटी में काम करने वाली मजदूर
महिलाओं को नये कम्बल एवं बच्चों को कलर पेन्सिल, रबर, शार्पनर,
पेन्सिल,
आदि
लेखन सामग्री वितरित की गई।

इस अवसर पर वहाँ कार्यरत अनपढ़ मजदूर महिलाओं
ने पढने- लिखने के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई तो उन्हें भी “आओ लिखें क ख
ग” जैसी पुस्तकें और अन्य लेखन सामग्री दी गई और उनका उत्साह देख आंगनवाड़ी
की शिक्षिका इन्द्राणी बाई कुर्रे ने उन महिलाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी स्वतः ही
अपने ऊपर ली।

चरामेति फाउंडेशन के महासचिव राजेंद्र ओझा ने
एक विज्ञप्ति में बताया कि दूर दराज से आये मजदूर परिवारों के लोग इस ठंड में
कम्बल पाकर अत्यंत प्रसन्न हुए। आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों ने तो कलर
पेन्सिल से उसी समय चित्र बनाना ही प्रारंभ कर दिया।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम डॉ मृणालिका
ओझा, पुष्पा नरेन्द्र संगानी  पी
वी एस नागेश, के सत्य वती, के. वी. रत्न,
कृष्ण
मूर्ति कासी, पी. एस. अलेख्या. अभिषेक महाकालकर, प्रेम
साहू, ह्रषीक ओझा, सुधीर शर्मा आदि के सहयोग एवं उपस्थिति
में संपन्न हुआ।