जीवन बीमा निगम कार्यालय में शुरू हुआ कामकाज, स्वजनों को मिलेगा मुआवजा

भारतीय जीवन बीमा कार्यालय में शनिवार से कामकाज प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर डा.सारांश मित्तर ने सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्देश जारी किया है।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
बिलासपुर : भारतीय जीवन बीमा कार्यालय में शनिवार से कामकाज प्रारंभ हो गया है। कलेक्टर डा.सारांश मित्तर ने सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्देश जारी किया है। कलेक्टर के आदेश के बाद बीमा कार्यालय से ऐसे पालिसीधारक जिनकी कोरोना से मौत हो गई है उनके वारिसों को जस्र्री दस्तावेज जमा करने पत्र लिखा जा रहा है। एलआइसी ने संकल्प लिया है कि कोविड से जिन पालिसीधारकों की मौत हुई है उनके वारिसों को 24 घंटे के भीतर क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाएगा।

इसमें एलआइसी के उस संकल्प का जिक्र किया था जिसमें कोविड संक्रमण के मौजूदा दौर में एलआइसी पालिसीधारकों की कोरोना से मौत हो गई है उनके वारिसों को क्षतिपूर्ति की राशि 24 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा। एलआइसी संकट के इस दौर में ऐसा कर अपनी तरफ से संवेदना व्यक्त करना चाहता है साथ ही अपने पालिसीधारकों व वारिसों को भरोसा दिलाना चाहता है कि बीमा कंपनी बीमा के दौरान जो भरोसा अपने पालिसीधारकों को दिलाती है उसे हर हाल में पूरा करती है।

कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी डा सारांश मित्तर

शनिवार को बीमा कार्यालय प्रारंभ होते ही अफसरों ने सबसे पहले अपने एजेंटों को फोन कर ऐसे पालिसीधारकों के नाम की सूची मंगाई है जिनकी मौत कोरोना से हो गई है। उनके वारिसों को जस्र्री दस्तावेज जमा कराने का निर्देश भी दिया है। मालूूम हो कि एलआइसी के अफसरों ने लाकडाउन के दौरान कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी डा सारांश मित्तर से मिलकर बैंक की तरफ एलआइसी कार्यालय को खोलने की मांग की थी। अफसरों ने यह भी बताया था कि कोविड के दौरान दिवंगत हुए पालिसीधारकों के वारिसों को मुआवजा राशि का वितरण करना है।

अफसरों का कहना है कि लाकडाउन और संक्रमण के इस दौर में जिनके स्वजनों की मौत हुई है उनके सामने आर्थिक संकट भी उठ खड़ा हुआ है। पालिसीधारक के वारिस को मुआवजा का वितरण किया जाना है। समय रहते राशि मिल जाएगी तो राहत महसूस करेंगे। इसी सोच के साथ अफसरों ने कार्यालय प्रारंभ करने अनुमति देने का अनुरोध किया था।

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