विश्व ऑटिज्म दिवस पर 2 अप्रैल को कार्यशाला : पीड़ित बच्चों की होगी विशेष जांच

बलौदाबाजार : विश्व ऑटीज्म दिवस के मौके पर 2 अप्रैल को यहां जिले में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला अस्पताल में इस दिन शाम साढ़े 4 बजे जहां ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के पालकों के लिए विशेष कार्यशाला लगेगी। वहीं इसके पहले जिला अस्पताल और बिलाईगढ़ सामुदायिक अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की विशेष जांच और इलाज की जाएगी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ये तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिले के नोडल अफसर और मनोरोग चिकित्सक डॉ राकेश कुमार ने बताया कि ऑटिज्म एक जैव तंत्रिकीय विकास विकार है, जो कि बच्चों में दो वर्ष की उम्र के बाद शुरूआती लक्षण प्रकट होने लगता है।

उन्होंने बताया कि इसके प्रमुख लक्षणों में नाम पुकारे जाने के बाद भी प्रतिक्रिया नहीं देना, दूसरे बच्चों के प्रति कम रूचि दिखाना और अकेले में खेलना, चेहरे के हाव-भाव का कम दिखाई देना, वस्तुओं की ओर ईशारा करने पर भी प्रतिक्रिया नहीं देना और एक ही प्रकार से हाथों को हिलाते रहना शामिल है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक हजार में छह बच्चों में ऑटिज्म होने की संभावना होती है। समाज में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रति वर्ष 2 अप्रैल को विष्व ऑटिज्म दिवस मनाया जाता है। इस साल के ऑटिज्म दिवस की थीम ‘सहायक तकनीकी, सक्रिय सहभागिता’ रखा गया है।

इस दिन जिला अस्पताल में ऑटिज्म पीड़ित बच्चों की विशेष जांच का काम मनोरोग चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार और बिलाईगढ़ में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.रोशन देवांगन करेंगे। डॉ. कुमार ने इस रोग से पीड़ित बच्चों के सभी पालकों को इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने पंजीयन के लिए मोबाईल नम्बर-99261-50535, 89995-89264 और 83192-45138 पर सम्पर्क करने का आग्रह किया है।

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