विश्व आदिवासी दिवस: वह दिन दूर नहीं है, जब एसपी भी बस्तर का होगा : सीएम डॉ. रमन

रायपुर।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आज राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक वक्त था जब बस्तर-सरगुजा में एक कल्पना होती थी कि बच्चा पढ़ लिया, तो शिक्षक बनेगा, लेकिन आज मैं देखता हूं कि सुदूर अंचलों के बच्चे भी आईएएस, आईपीएस, आईआरएस बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं है जब एसपी भी बस्तर का होगा, कलेक्टर-सीईओ भी बस्तर का बच्चा बनेगा, डॉक्टर भी कोई होगा, तो बस्तर का बच्चा ही बड़ा होकर बनेगा। प्रशासनिक व्यवस्था उन इलाकों के लोग ही संभालेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को भी जमकर निशाने पर लिया और कहा कि पिछले 70 सालों से यदि इस क्षेत्र के लिए एक-एक काम भी हुआ होता तो आज इस क्षेत्र में नक्सल का आतंक नहीं होता, नक्सल समस्या के लिए कांग्रेस ही दोषी है। उन्होने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री में इस क्षेत्र का विकास देखना चाहते हैं इसलिए वे बस्तर की धरती पर आते हैं।

छत्तीसगढ़ एक नए युग में प्रवेश कर रहा है. खेल में बच्चे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मैडल लेकर आ रहे हैं. अबूझमाड़ के बच्चे चमत्कार कर रहे हैं. यदि अवसर मिलेगा तो अबूझमाड़ के बच्चे दुनिया को दिखा देंगे बता देंगे कि आग हमारे अंदर है. उन्होंने कहा कि जहां-जहां आपके पैर में कांटा गड़ेगा. रमन उस कांटा को निकालने हमेशा खड़ा मिलेगा

आज बस्तर में एजुकेशन हब बन रहा है, कलेक्टर कार्यालय बन रहा है। सड़कें, पुल-पुलियां बन रहे हैं। बजट पहले भी आता था, लेकिन खर्च नहीं होता था. आज बजट का 35 फीसदी हिस्सा हम उन क्षेत्रों के विकास के लिए खर्च करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि- अब तक बस्तर के आधे हिस्से में अँधेरा था।

बड़ी चुनौती थी कि बिजली कैसे पहुंचाई जाए। मैंने तय किया कि मुख्यमंत्री होने के नाते 60 सालों से बनी इस चुनौती को स्वीकार किया. मैंने कहा बस्तर का कोई घर बिजलीविहीन नहीं होगा।

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