World Earth Day : आओ धरती को बनाएं हरा-भरा, जानिए कब और कैसे हुई थी पृथ्वी दिवस मनाने की शुरूआत

हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।

नई दिल्ली। संसाधानों के लालच में प्रकृति को अनजाने में ही बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। यहीं वजह है कि हर साल दुनिया में ग्लोबल वाॅर्मिंग तेजी से बढ़ रहा है। पर्यावरण को सुरक्षित रख कर ही हम अपने आप को और धरती को विनाश से बचा सकते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हर साल 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।

इस दिन धरती को बचाने के लिए संकल्प लिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र में पृथ्वी दिवस को हर साल मार्च एक्विनोक्स यानी कि साल का वह समयए जब दिन.रात बराबर होते हैंए पर मनाया जाता है। इस परंपरा की स्थापना शांति कार्यकर्ता जॉन मक्कानेल द्वारा की गई थी। वैश्विक स्तर पर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक बनाने के लिए 22 अप्रैल 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस बड़े स्तर पर मनाया गया था।

बता दें कि उसी दिन से हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाने का फैसला लिया गया। इससे पहले पृथ्वी दिवस साल में दो बार मनाया जाता था। पहले 21 मार्च और फिर 22 अप्रैल को इस दिन का आयोजन किया जाता था। लेकिन साल 1970 के बाद से इसे सिर्फ 22 अप्रैल को मनाने का ही निर्णय लिया गया।

कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया को बचाते हुए पृथ्वी को अच्छी अवस्था में बहाल करने का थीम रखा गया है। इसके लिए उन प्राकृतिक स्त्रोतों और उभरती हुई तकनीकों पर ध्यान देना होगा, जो दुनिया के पारिस्थिति तंत्र को फिर से कायम करने में मददगार साबित होंगे।

बता दें कि हर साल पृथ्वी दिवस के मौके पर जनजागरूकता को लेकर कार्यक्रम आयोजित होते हैं। लेकिन कोरोना महामारी के चलते इस ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। फिलहाल सोशल मीडिया के जरिए लोग एक दूसरे को पृथ्वी दिवस की बधाई देते हुए प्राकृतिक को सरंक्षण देने का संकल्प ले रहे हैं।

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