वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: इनक्लूसिव डेवलपमेंट इंडेक्स में भारत को मिला 62वां स्थान

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: इनक्लूसिव डेवलपमेंट इंडेक्स में भारत को मिला 62वां स्थान

दावोस: समावेशी वृद्धि सूचकांक (इनक्लूसिव डेवलपमेंट इंडेक्स) में भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 62वें स्थान पर है। इस मामले में भारत चीन (26वां) और पाकिस्तान (47वां) से भी पीछे है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने अपनी सालाना शिखर बैठक शुरू होने से पहले यह सूची जारी की। नॉर्वे दुनिया की सबसे समावेशी आधुनिक विकसित अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वहीं लिथुआनिया उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष पर है।

पिछले साल भारत का स्थान 60 वां था : डब्ल्यूईएफ की वार्षिक शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के कई शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि इस सूचकांक में रहन सहन का स्तर, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊपन और भविष्य की पीढ़ियों को और कर्ज के बोझ से संरक्षण आदि पहलुओं को शामिल किया जाता है। डब्ल्यूईएफ ने विश्व नेताओं से कहा कि वे तेजी से समावेशी वृद्धि और विकास के नए माडल की ओर बढ़े। मंच ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर उपलब्धि हासिल करने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर निर्भरता बढ़ने से असमानता की स्थिति पैदा हो रही है। भारत पिछले साल 79 विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 60वें स्थान पर था, जबकि चीन 15वें और पाकिस्तान 52वें स्थान पर था।

इस तरह हुई रैंकिंग : वर्ष 2018 के इंडेक्स में 103 अर्थव्यवस्थाओं की प्रगति की आकलन तीन निजी स्तंभों….वृद्धि एवं विकास, समावेशन और अंतर पीढ़ी इक्विटी के आधार पर किया गया है। इसे दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में 29 विकसित अर्थव्यवस्थाओं तथा दूसरे में 74 उभरती अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इस इंडेक्स में पांच चाल के समावेशी विकास एवं वृद्धि के रुख पर विभिन्न देशों को पांच उप श्रेणियों में वगीकृत किया गया है। यह है घटना, धीरे-धीरे घटना, स्थिर, धीमी वृद्धि या वृद्धि। भारत का कुल अंक निचले स्तर पर हैं, लेकिन इसके बावजूद वह उन दस उभरती अर्थव्यवस्थाओं में हैं जो बढ़ रही हैं।

advt
Back to top button