छत्तीसगढ़

विश्व हिंदी दिवस पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फ़रसिया में मनाया गया

राजशेखर नायर

नगरी

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक एवम विद्यार्थियों ने हिंदी की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। के. श्रीमाली मेडम (व्याख्याता हिन्दी) ने हिंदी के विकास एवम महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं नीरज सोन सर ने भी भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी की मातृ भाषा हिन्दी पर उद्धृत पंक्ति – निज भाषा उन्नती अहे, सब भाषा को मूल। निज भाषा के ज्ञान बिन रहत मूढ सब कोय के सन्दर्भ में उद्बोधन दिए। आज हिंदी विश्व की सबसे प्रामाणिक भाषा के रूप में स्वीकार की जा रही है अतः हम सब का दायित्व है कि हम सब अपनी मातृ भाषा से प्रेम करें व इसके प्रचार – प्रसार में अपना योगदान दें।

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