वर्ल्ड हॉकी लीग 2017: ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती पहले ही मुकाबले में भारत के सामने होगी

वर्ल्ड हॉकी लीग 2017: ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती पहले ही मुकाबले में भारत के सामने होगी

एशियाई हॉकी की सिरमौर भारतीय टीम शुक्रवार से शुरू हो रहे विश्व हॉकी लीग फाइनल के तीसरे और आखिरी सत्र में उतरेगी तो उसका इरादा दुनिया की दिग्गज अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ने का होगा.

भारत हॉकी वर्ल्ड हॉकी लीग फाइनल में पूल बी में पिछली चैंपियन और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच खेलेगा.

कुछेक मैचों को छोड़ दें तो उपमहाद्वीप में भारतीय टीम का दबदबा रहा है और हाल ही में ढाका में भारत ने एशिया कप में खिताबी जीत दर्ज की. आठ बार के ओलिंपिक चैंपियन भारत के पास इस टूर्नामेंट के जरिए यह साबित करने का सुनहरा मौका है कि उसमें एशिया के बाहर भी अपना दबदबा कायम करने का माद्दा है.

दुनिया की दूसरे नंबर की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत को पिछले कुछ समय में ज्यादा कामयाबी नहीं मिली है. ऑस्ट्रेलिया ने उसे चैंपियंस ट्रॉफी, अजलन शाह और राष्ट्रमंडल खेलों में मात दी. आठ देशों के इस टूर्नामेंट में पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के रूप में भारत को सबसे कठिन चुनौती मिली है.

भारत के नए कोच शोर्ड मारिन की भी यह पहली असल परीक्षा होगा जिन्होंने दो महीने पहले ही रोलेंट ओल्टमेंस की जगह ली है. मारिन एशिया कप में कामयाब रहे लेकिन हाकी लीग फाइनल उनके लिये बिल्कुल अलग चुनौती होगी. ओल्टमेंस को हटाते समय भारतीय हॉकी के हुक्मरानों ने स्पष्ट कर दिया था कि एशियाई स्तर पर सफलता कोई मानदंड नहीं होगी और विश्व स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा.

मारिन ने पद संभालने के बाद से खेलने की शैली या टीम की रणनीति में ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं. उन्होंने खिलाड़ियों को यह तय करने का अधिकार दिया है कि वह किस शैली से खेलना चाहते हैं. उन्होंने पीछे की तैयारियों पर फोकस किया है जिससे खिलाड़ियों पर ज्यादा जिम्मेदारी सौंपी गई है. एशिया कप में इसका फायदा मिला और दस साल बाद भारत ने मलेशिया को 2 -1 से हराकर खिताब जीता.

अगले साल एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप जैसे कई टूर्नामेंट होने हैं लिहाजा मारिन के लिए यह टीम की ताकतों और कमजोरियों को आंकने का सुनहरा मौका होगा.

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