राष्ट्रीय

गांधी संग्रहालय बनी वो जमीन जहां बनती थी रंगभेद के खिलाफ लड़ाई की योजनाएं

दिवाली की पूर्व संध्या पर दक्षिण अफ्रीका के तटीय शहर डरबन में महात्मा गांधी के एक संग्रहालय का उद्घाटन किया गया।

दक्षिण अफ्रीका में रहने के दौरान महात्मा गांधी ने इसे खरीदा था। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह मंगलवार को इस संग्रहालय का उद्घाटन किया।

यह संग्रहालय महात्मा गांधी के जीवन और उनके वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। गांधी ने इस जमीन को 1897 में खरीदा था।

दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के प्रति भेदभाव वाले कानूनों के खिलाफ जब नेटल भारतीय कांग्रेस योजनाएं बना रही थी तब गांधी यहीं पर सार्वजनिक बैठकें किया करते थे।

1914 में जब गांधी ने डरबन छोड़ा तब उन्होंने इस परिसर का मालिकाना हक नेटल भारतीय कांग्रेस को सौंप दिया था।

इसके बाद उसने 1964 में यहां पर एक नया भवन बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि रंगभेद जमाने के कानूनों के कारण वह योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई।

1980 में जब तक एमजीएमटी ने यहां संग्रहालय का काम नहीं शुरू किया तब तक इस स्थल का उपयोग कार पार्किंग के लिए किया जाता रहा।

गांधी के इस संग्रहालय में चरखा जैसी कई असली कलाकृतियों को उनके पूर्व रूप में बरकरार रखा गया है।

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गांधी संग्रहालय
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