अंतर्राष्ट्रीय

दुनिया की सबसे बुजुर्ग पांडा की चीन के चिड़ियाघर में मौत, जीवप्रेमी गम में

16 अगस्त को उसका 38वां जन्मदिन शानदार पार्टी के साथ मनाया गया था

बीजिंग: दुनिया की सबसे बुजुर्ग पांडा की चीन के चिड़ियाघर में मौत हो गई है। जून 1983 में उसे चॉन्गकिंग चिड़ियाघर भेज दिया गया जहां वह आखिरी सांस तक रही। इसी साल 16 अगस्त को उसका 38वां जन्मदिन शानदार पार्टी के साथ मनाया गया था। यहां तक कि इसमें बर्फ और उसके पसंदीदा फलों के साथ केक भी बनाया गया था।

चिड़ियाघर ने बताया कि 21 अक्टूबर से शिन जिंग ज्यादा सोने लगी थी, उसे खांसी आ रही थी और भूख नहीं लग रही थी। उसे सांस लेने और खड़े होने में दिक्कत हो रही थी। दो दिन बाद उसका पेट फूलने लगा और खराब होने लगा। कई एक्सपर्ट्स को उसका इलाज करने के लिए बुलाया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

शिन शिंग की मौत से लगा है धक्का पोस्ट मॉर्टम में पाया गया कि शिन शिंग की मौत मल्टिपल ऑर्गन फेल्यर के कारण हुई है। चिड़ियाघर का कहना है कि शिन शिंग की मौत से अधिकारियों को धक्का लगा है। चॉन्गकिंग चिड़ियाघर के मुताबिक पांडा की उम्र इंसानों की तुलना में 3.5 गुना ज्यादा होती है। इसका मतलब है कि शिन शिंग की उम्र 114 से 133 इंसानी साल के बीच होगी।

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