छत्तीसगढ़

मुंगेली-कवर्धा रेललाइन का नक्शा बदले जाने से गुस्सा

-48वें दिन भी जारी रही क्रमिक भूख हड़ताल

हिमांशु सिंह ठाकुर

पंडरिया।

मुंगेली-कवर्धा रेललाइन का नक्शा बदले जाने से पंडरिया क्षेत्र में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
रेलवे संघर्ष समिति के बैनर तले क्रमिक भूख हड़ताल 48वें दिन भी जारी रही।
शनिवार को नगर के राघवेंद्र रजक और भोला यादव मुख्य आन्दोनकारी रहे।
समिति की मांगों को समर्थन देते हुए लोगों का भूख हड़ताल पर बैठने का सिलसिला जारी है।

मुंगेली-कवर्धा रेललाइन का नक्शा बदले जाने का विरोध करते हुए जन संघ के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वयोवृद्ध नेता रामलाल जैन ने मंच से कहा- कि सरकार राजनीति शक्ति का उपयोग अपने हित को ध्यान रखकर कर रही है
इसका परिणाम जरुर जनता देगी।
जैन ने कहा कि लोकतांत्रिक देश मे भीड़तंत्र की बड़ा महत्व है, लेकिन सरकार के कानों में जु तक नहीं रेंग रही है।

उन्होंने कहा कि शायद सरकार की सोच पंडरिया विधानसभा के लिए सौतेलेपन की रही है.
उसी तरह रेल के मामले में भी अपना अड़ियल रवैये से यहां की जनता को नजर अंदाज करके इस क्षेत्र के साथ सबसे बड़ी धोखाधड़ी कर रही है।

-विधायक की बोलती बंद, क्षेत्र के लोगों से छलावा

रेलवे संघर्ष समिति का कहना है कि रेलवे को अधिक फायदा
बोड़ला, पोंडी , पंडरिया, पांडातराई से होता, पर इन स्थानों को नक्शे से ही हटा दिया गया है।
एक नया नक्शा दिसंबर 2017 में बनाया गया है।

संघर्ष समिति का कहना है कि
पंडरिया को रेलवे के नक्शे में शामिल करने के लिए क्षेत्रीय सांसद ने खूब मेहनत की है.
वो इस क्षेत्र को काटने का कारण भी बता देते। इतने पुराने सर्वे से इन्होंने मुह क्यों मोड़ लिया। संघर्ष समिति का कहना है कि पंडरिया के कुछ जयचंदों ने सरकार के इस काम की तारीफ करके अपनी जन्मभूमि से छलावा किया है।

सोशल मीडिया, फेसबुक और ट्विटर पर विरोध

सरकार को लगातार अपने प्रयास से जगाने के लिए प्रयासरत समिति के लोग अपनी मांगों को सोशल मीडिया
फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से लगातार फैला रहे हैं।
समिति के लोगों का कहना है कि वीआईपी क्षेत्र होने की वजह से क्षेत्रीये विधायक की बोलती बंद रहती है.
वो इस क्षेत्र के विकास के लिए भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं और उल्टे समिति के सदस्यों से पंगा ले रखा है।

समिति के सदस्यों ने भी आंदोलन स्थल पर क्षेत्रीय विधायक के नाम का एक बोर्ड धरना स्थल पर टांग कर रखा हुआ है.
विधायक चाहकर भी इन आंदोलन समिति के पास नहीं जा पा रहे हैं।
इधर समिति के लोगों का कहना है कि कम से कम विधायक को तो समिति की बात मुख्य मंत्री के सामने रखनी थी.
नगर के कुछ लोगों के भड़काने पर विधायक ने समिति की मांग से मुह मोड़ रखा है।
आने वाले समय में इन्हें अपनी करनी को लेकर पछतावा होना निश्चित है।

आज के 47वें दिन मुंगेली-कवर्धा रेललाइन के आंदोलन कारी के रूप में
राघवेंद्र रजक और भोला यादव संघर्ष समिति के रामलाल जैन, रघुनंदन पाठक, शिवसहाय गुप्ता, आशीष जैन
मनीष शर्मा नीलू शर्मा, दीनू माली, ब्रजेश शुक्ला, नेमी जैन, राकेश शर्मा, रवि चंद्रवंशी, रामकुमार टंडन
कमल धुर्वे, राकेश चन्द्राकर, विकास शर्मा, मनीष शर्मा, नरेंद्र तिवारी सहित अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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