छत्तीसगढ़

लालबाग जगदलपुर स्थित भीम प्रतिमा पर माल्यार्पण

जगदलपुर। गुरुवार को संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्य तिथि के अवसर पर प्रतिबिम्ब कला परिषद परिवार की ओर से डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम सुबह 9 बजे रखा गया। 

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ.बीटी नोन्हारे रहे। प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलन व प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्य अतिथि डॉ.नोन्हारे एवं संस्था के संरक्षक राजबहादुर राणा और अध्यक्ष पूर्णिमा सरोज द्वारा किया गया।

समस्त उपस्थित महानुभावों द्वारा बाबा साहब के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें सादर श्रद्धाजंलि अर्पित की गई।

संस्था के संरक्षक राज बहादुर राणा ने कहा कि भारत के नव निर्माण में एक मजबूत संविधान की आवश्यकता को भीमराव अंबेडकर ने पूर्ण किया।इसमें छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी समस्याओं के लिए एक व्यवस्थित कानून को स्थान दिया गया।जिसका लाभ प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध होता है।

वहीं इस अवसर पर डॉ.बी. टी. नोन्हारे ने कहा कि भारत का संविधान व्यक्तिपरक है।संविधान का निर्माण प्रत्येक क्षेत्र में व्यक्ति को महत्व देते हुए किया गया है अर्थात मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए संविधान की अनुकरणीय व्यवस्थाएं हैं।हमारे संविधान की मांग विदेशों में भी है,और सम्मानित भी है।

महिलाओं व पुरुषों को समान मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। कोई भी व्यक्ति उसके किसी भी प्रकार से मौलिक अधिकार के हनन होने पर सीधे सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है। व्यक्ति को इसकी पूर्ण स्वतंत्रता है एवं अनेक संस्मरण साझा किए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की महान दूरदृष्टि के साथ निर्मित किए गए भारतीय संविधान को नमन किये।

पूर्णिमा सरोज ने कहा कि भारत के संविधान में भारत का नागरिक केंद्रबिंदु है। के विकास व बच्चों को शिक्षा का अधिकार, स्त्री सशक्तिकरण व महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त होना भारत के लचीले संविधान की देन है।

इस अवसर पर अनूप कुर्रे ,निर्मल सिंह राजपूत, भारती जेना, एस. एस. नाग शैलेन्द्र पांडे एवम प्रतिबिंब कला परिषद के समस्त सदस्य उपस्थित थे।