पहलवान सागर हत्याकांड: ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार पर लगा सकती है मकोका

मकोका लगने के बाद सुशील कुमार को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी

नई दिल्ली:पहलवान सागर हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार पर मकोका के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है. मकोका की कार्रवाई संगठित अपराध करने वालों पर होती है. मकोका लगने के बाद सुशील कुमार को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी.

मकोका कानून इतना सख्त है कि इसके लगने के बाद सुशील कुमार को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी. मकोका के बाद उम्रकैद तक की सज़ा का प्रावधान है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी के टॉप गैंगस्टर में शुमार काला जठेड़ी व नीरज बवाना के रिश्तों को लेकर सुशील कुमार की कुंडली खंगाला शुरू कर दिया है. आरोप है कि सुशील इन दोनों गैंगस्टर को लोगों की हैसियत और उनके कामकाज की जानकारी देता था.

पुलिस की माने तो सुशील की भूमिका पूर्व एमएलए रामवीर शौकीन की तरह थी, जो पर्दे के पीछे रहकर अपने गैंगस्टर भांजे नीरज बवाना के लिए काम कर रहा था. रामवीर शौकीन भी अभी जेल में है.

पुलिस के मुताबिक, साल 2018 से सुशील और गैंगस्टरों का गठजोड़ हुआ था. लेकिन पहलवान सागर की हत्या के दौरान सुशील ने नीरज बवाना और असौड़ा गैंग का सहारा लेकर काला जठेड़ी के भतीजे सोनू को भी पीट दिया. जिससे जठेड़ी और सुशील के बीच के रिश्तों में दरार आ गई.

अब गैंगस्टर काला जठेड़ी और गैंगस्टर लारेंस विश्नोई एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. स्पेशल सेल ने काला जठेड़ी के खिलाफ पहले ही मकोका का मामला दर्ज किया था. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, लारेंस विश्नोई और काला जठेड़ी का नेटवर्क कई देशों में फैला है. इस गिरोह में 300 से ज्यादा बदमाश हैं.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पांच लोगों लारेंस विश्नोई, जगदीप जग्गू भगवानपुरिया, संपत मेहरा उर्फ काली राजपूत, राजू बसोदी और रवींद्र उर्फ काली शूटर को मकोका मामले में गिरफ्तार किया है. लारेंस विश्नोई को राजस्थान के अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button