छत्तीसगढ़

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही विधिवत प्रारंभ हुआ यज्ञ

शतमुख कोटि हरिहरात्मक महायज्ञ का शुभारंभ 16 नवंबर को विराट शोभायात्रा एवं 17 नवंबर को भव्य कलश यात्रा से ही हो गया था परंतु 18 नवंबर से यज्ञ शाला में निर्मित 108 कुण्डीय में यज्ञ का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ जहां सभी जजमानों को कुंडाचार्यो के द्वारा पूजा प्रारंभ कराई गई। प्रत्येक कुंड में तीन जोड़ियों (सपत्निक) को ही बैठने की व्यवस्था समिति के द्वारा दी गई थी।

नवीन गोयल ब्यूरो प्रमुख कटघोरा शहर

कटघोरा: वैसे तो कटघोरा में शतमुख कोटि हरिहरात्मक महायज्ञ का शुभारंभ 16 नवंबर को विराट शोभायात्रा एवं 17 नवंबर को भव्य कलश यात्रा से ही हो गया था परंतु 18 नवंबर से यज्ञ शाला में निर्मित 108 कुण्डीय में यज्ञ का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ जहां सभी जजमानों को कुंडाचार्यो के द्वारा पूजा प्रारंभ कराई गई। प्रत्येक कुंड में तीन जोड़ियों (सपत्निक) को ही बैठने की व्यवस्था समिति के द्वारा दी गई थी।

25 नवंबर तक संचालित होने वाले यज्ञ में दूर दराज से पधारेे भक्तों के द्वारा भी पुण्य का लाभ लिया जा रहा है। समिति के सभी ऊर्जावान सदस्यों के द्वारा अपने अपने विभागों में शानदार व्यवस्था की गई है साथ ही पूरे 9 दिन पुलिस प्रशासन के द्वारा भी सुरक्षा के कड़े इन्तेजाम किये गए है पूरे महामृत्युंजय धाम मेला ग्राउंड में एक से बढ़कर जीवंत झांकियों भी लगाई गई है

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही विधिवत प्रारंभ हुआ यज्ञ

जो वहां पे उपस्थित भक्तजनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है साथ ही प्रातः 9 बजे भागवत कथा का भी रसपान कराया जा रहा है एवं शाम 4 बजे से संत सम्मेलन भी आयोजित हो रहा है जहाँ पे दूर दराज से पधारे संत महात्माओं के द्वारा भी अपनी मधुर वाड़ी से लोगो को श्रवण करा रहे है।

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही विधिवत प्रारंभ हुआ यज्ञ

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ही विधिवत प्रारंभ हुआ यज्ञ

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