फ्रांस में ईंधन करों में वृद्धि के खिलाफ ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन लगातार जारी

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े

पेरिसः पेरिस में हजारों प्रदर्शकारियों ने शनिवार को सरकारी टीवी स्टेशनों और बीएफएम टीवी चैनल के दफ्तर के बाहर जमा होकर मीडिया पर फर्जी खबरें चलाने का आरोप लगाया और राष्ट्रपति एमेनुएल मैंक्रों का इस्तीफा मांगा.

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ट्राम लाइनों पर जमा हो गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया.

हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या में बीते हफ्तों के मुकाबले काफी कमी आई है. पुलिस के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 12 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हुए.

इससे पहले 22 दिसंबर को 38, 600 प्रदर्शनकारी जमा हुए थे, वहीं प्रदर्शनों के पहले दिन 17 नवंबर को 2,82,000 लोग शामिल हुए थे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2019 में भी वह विरोध जारी रखेंगे और नववर्ष पर भी प्रदर्शन करने की योजना बनाई जा रही है.

बता दें इससे कुछ दिनों पहले ही सबके लिये अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मैक्रों ने कहा था कि यह ‘‘अन्याय’’ था. मैक्रों ने कहा, ‘‘फ्रांस में भड़की हिंसा के लिए मैं अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं.

’’ उन्होंने हिंसक प्रदर्शनों की निंदा करते हुए कहा था कि, ‘‘हो सकता है मैंने अपने शब्दों से लोगों का दिल दुखाया हो. ’’ किसी राष्ट्रपति की ओर से इस तरह आरोपों को स्वीकारना असाधारण है.

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