योगा करता है महिलाओं को पुल-अप करने में मदद

नई दिल्ली : पुल-अप शरीर के ऊपरी भाग में खिंचाव लाता है और भुजाओं, हाथों, कलाई ओर कंधों को मजबूत बनाता है। इसके साथ साथ यह गर्दन व पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और फिटनेस के प्रति उत्साही लोगां में यह काफी लोकप्रिय है।

पुल-अप काफी लाभदायक होता है और महिलाओं के शरीर पर भी उतना ही प्रभाव डालता है जितना कि पुरूषों पर। पर तथ्य यह बताते हैं कि पुरूषों की मांसपेशियां व शरीर का ऊपरी भाग मजबूत होता है और उन्हें इस कारण पुल-अप करने में काफी आसानी होती है। परंतु यह बात महिलाओं के लिए पुल-अप करने में निर्णायक नहीं होनी चाहिए अर्थात पुरूषों व महिलाओं की भिन्न भिन्न शारीरिक क्षमता इस बात का कारक नहीं होनी चाहिए कि उन्हें कौन सा अभ्यास करना है और कौन सा नहीं।

आमतौर पर अधिकतर लोग जो पुल-अप करने की शुरूआत करते हैं वे एक या दो से ज्यादा पुल-अप नहीं कर पाते। यह होता है कमजोर हाथों के कारण, शरीर के अधिक वजन के कारण या फिर आलस के कारण। जब महिलाएं जिमिंग करती हैं तो कई महिलाएं स्वयं को केवल कार्डियो तक ही सिमित रखती हैं और वेट-लिफिटंग से दूर रहती हैं। हांलाकि वेट-लिफिटंग एक व्यक्तिगत पसंद है परंतु स्वयं के भार को उठाने योग्य होना आपमें एक अलग क्षमता को विकसित करता है और लाभदायक होता है। यह शरीर के उपरी भाग को मजबूत बनाता है और आकार प्रदान करता है।

क्या पुल-अप महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?
पुल-अप शरीर की मांसपेशियों पर प्रभाव डालते हैं और कई मर्तबा इसी कारण महिलाओं के लिए चिंता का विषय भी होते हैं पर पुल-अप से बिलकुल नुकसान नहीं होता। अपने कार्य पर थोड़ा बहुत योगा को शामिल करना भी आपको आपके शरीर की सीमाओं को पार करने में सहायता देता है।

बेहतर पुल-अप के लिए योगा एक अति प्राचीन तकनीक है जो प्राणायम व शारीरिक व्यायाम द्वारा समग्र जीवन को बढ़ावा देती है। नीचे दिए गए आसान योगासनों को अपनाकर महिलाएं आसानी से पुल-अप्स कर सकती हैं।

अधो मुखा शवासन
यह आसन भुजाओं व कंधों को शक्ति देता है। यह योगासन मांसपेशियों को आकार देता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है।

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