उत्तर प्रदेशराज्य

योगी और अखिलेश का डिनर डिप्लोमेसी, जानिए कौन रहें किस के मेहमान

23 मार्च को होने वाले मतदान के लिए राज्य में डिनर डिप्लोमेसी देखने को मिल रही है. बुधवार शाम सीएम योगी और और उत्तर प्रदेश के पुर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अलग - अलग डिनर का आयोजन किया |

23 मार्च को होने वाले मतदान के लिए राज्य में डिनर डिप्लोमेसी देखने को मिल रही है. बुधवार शाम सीएम योगी और और उत्तर प्रदेश के पुर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अलग – अलग डिनर का आयोजन किया |

सबकी नजरें डिनर में पहुंचने वाले मेहमानों पर लगी रहीं. डिनर के जरिए राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल सपा असंतुष्ट विधायकों को अपने खेमे में खींचने की कोशिशें कर रहे हैं.

ये रहे मेहमान

सीएम योगी के डिनर में ओमप्रकाश राजभर मंच पर मौजूद रहे. वह इस दौरान सीएम के साथ देखे गए. उन्हें शेरो-शायरी करके खास अंदाज में मंच पर बुलाया गया. राजभर योगी से नाराजगी के चलते दिल्ली आकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिले थे.

अमित शाह ने उन्हें यूपी आकर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है. इसके बाद से वह संतुष्ट नजर आ रहे हैं. ओमप्रकाश राजभर के अलावा निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी भी योगी के डिनर में पहुंचे. इस डिनर में सबसे खास बात रही सपा से बीजेपी में गए नरेश अग्रवाल के बेटे और सपा विधायक नितिन अग्रवाल का पहुंचना.

वहीं, अखिलेश यादव ने भी समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ होटल ताज में मुलाकात की. इस मुलाकात में शिवपाल यादव पहुंचे. उनके अलावा नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, विधानपरिषद में विपक्षी दल के नेता अहमद हसन, एमएलसी उदयवीर सिंह, सुनील साजन, रामवृक्ष यादव, अरविंद सिंह, एमएलए मनोज पांडेय और अबरार अहमद, एमएलसी आनंद भदौरिया और आशु मलिक भी पहुंचे.

इसलिए हो रही है डिनर डिप्लोमेसी

यूपी की 10 सीटों के लिए हो रहे राज्य सभा चुनावों में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. विधायकों की संख्या के लिहाज से बीजेपी के 8 और सपा के एक सदस्य की जीत तय है. बीजेपी के 9वें उम्मीदवार के उतरने से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. सूबे की सभी पार्टियां अपना-अपना किला बचाने के लिए डिनर डिप्लोमेसी में जुटी हैं.

बीजेपी के खिलाफ खड़ा है विपक्ष

बीजेपी के 9वें उम्मीदवार के खिलाफ सूबे का समूचा विपक्ष एकजुट होकर बीएसपी प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर के साथ खड़ा है. बीएसपी उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर और बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी अनिल अग्रवाल के बीच मुकाबला है.

बसपा उम्मीदवार अंबेडकर को सपा और कांग्रेस समर्थन कर रहे हैं. अजित सिंह की पार्टी आरएलडी भी उनके समर्थन में है. ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के लिए 9वीं सीट जीतना काफी अहम चुनौती है.

मायावती भी हैं सक्रिय, लेंगी बैठक

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर 21 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ विधायकों को डिनर दे रहे हैं. तो 22 मार्च को मायावती अपने विधायकों की मीटिंग ले रही हैं, कांग्रेस भी अपने विधायकों को लंच दे रही है और सभी को 23 तारीख तक लखनऊ में ही रहने को कहा गया है.

सपा दो बार करेगी डिनर का आयोजन

समाजवादी पार्टी भी अपने खेमे के मतभेद को भुलाने के लिए विधायकों के लिए डिनर के इंतजाम में जुटी है. इसी मद्देनजर सपा दो दिन लगातार डिनर का कार्यक्रम रख रही है, ताकि विधायकों की संख्या को लेकर निश्चित हुआ जा सके. डिनर डिप्लोमेसी का एक कार्यक्रम यादव परिवार के बीच भी रखने की कोशिश चल रही है जिसमें मुलायम शिवपाल रामगोपाल और अखिलेश यादव सभी मौजूद रहेंगे.

ये हैं बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की उम्मीद

बीजेपी की उम्मीदें नरेश अग्रवाल राजा भैया और शिवपाल यादव के साथ साथ अमनमणि त्रिपाठी जैसे कुछ विधायकों पर टिकी है, जो विधायकों की क्रॉस वोटिंग करा सकते हैं. सपा इस कोशिश में है कि नरेश अग्रवाल और राजा भैया की सेंधमारी की कोशिशों को रोका जा सके. अखिलेश यादव तो सार्वजनिक तौर पर शिवपाल यादव से वोट देने की अपील भी कर चुके हैं.

हो सकती है बीजेपी की फजीहत

राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर बीजेपी की साख दांव पर है. अपने 9वें कैंडिडेट को उतारा है. जबकि पार्टी के पास पर्याप्त संख्या नहीं है और अगर बीजेपी अपने उम्मीदवार को नहीं जीता पाती तो उसे फिर एक और फजीहत झेलने के लिए तैयार रहना होगा.

बीजेपी सूबे की 9वीं राज्यसभा सीट पर निर्दलीय अनिल अग्रवाल को जिताने के लिए हर संभव कोशिश में जुटी है. बीजेपी गठबंधन के पास 28 वोट अतरिक्त हैं, जबकि जीतने के 37 वोट की जरूरत है. इस तरह बीजेपी को 9 वोटों की जरूरत है.

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