अंतर्राष्ट्रीय

काम का बोझ : 159 घंटे किया लगातार काम और फिर हो गई मौत!

जापान में 159 घंटे ओवरटाइम करने के चलते एक युवा महिला पत्रकार की मौत हो गई है। इस जर्नलिस्ट का नाम मिवा सादो था और वह एक पॉलिटिकल रिपोर्टर थीं। मिवा जापान ने के नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके के साथ काम करती थीं। मिवा सादो की मृत्यु साल 2013 में हार्टअटैक से हुई थी लेकिन उनकी ऑर्गनाइजेशन ने इसी हफ्ते उनके केस को सार्वजनिक किया है। जापान नेशनल हेल्थ सर्विस की ओर से जांचकर्ताओं ने मिवा की मौत के पीछे ओवरटाइम को वजह बताया था।

30 दिन में दो दिन की छुट्टी
जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि 31 वर्षीय मिवा की मौत कारोशी यानी अधिक काम करने के चलते हुई है। मिवा ने 30 दिन में सिर्फ दो दिन की छुट्टी ली थी। कारोशी ओवरटाइम के लिए एक जापानी शब्द है। ब्रिटिश डेली द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके के लिए टोक्यो मेट्रोपोलिटन गवर्नमेंट को कवर करने वाली जर्नलिस्ट मिवा की लोकल इलेक्शन की रिपोर्टिंग के तीन दिन बाद ही हुई थी।

पहले भी हुई थी एक मौत

ब्रॉडकास्टर के एक सीनियर अधिकारी मासाहिको यामौची ने बताया कि मिवा की मौत उनकी ऑर्गनाइजेशन की समस्याओं को उजागर करने वाली है। इससे लेबर सिस्टम के बारे में पता चलता है और यह बात सामने आई है कि यहां कैसे चुनावों की कवरेज की जाती है। आपको बता दें कि साल 2015 में भी एडवरटाइजिंग एजेंसी में काम करने वाले व्यक्ति की मौत महीने में 100 घंटे ओवरटाइम करने के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद जापान में वर्क कल्चर को बदलने की मांग की गई थी। एक सर्वे के मुताबिक जापान में 20 प्रतिशत वर्कफोर्स पर कारोशी के चलते मौत का खतरा है। ये लोग महीने में 80 घंटे से अधिक तक का ओवरटाइम करते हैं।

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