आपकी बोलने की कला ही दिला सकती है आपको सफलता

आज गुरुकुल महिला महाविद्यालय में उद्यमिता विकास कैंप के द्वितीय सत्र में प्रभावी संप्रेषण कला पर सीटकोंन रायपुर से आये प्रॉफ़ेसर एस.एस कॉलेलेेे तथा श्री प्रकाश कालइक ने कम्युनिकेशन स्किल पर छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी। इन्होंने अच्छे व बुरे कम्युनिकेशन का फर्क बताते हुए , शब्द, वाक्य ,भाषा तथा सही उच्चारण कर मौखिक संप्रेषण को किस तरह प्रभावी बनाया जा सकता हैैं , किस तरह से सही शब्दो के चयन कर हम अपने बातों को, भाषण को प्रभावीशाली बना सकते हैं और इसका प्रयास करने में हमें किन चीजों की आवश्यकता होती है।

शब्दों की गति तथा उन पर वजन, संप्रेषण को प्रभावी बनाने में एक अहम रोल अदा करते हैं अपनी आवाज हम स्वयं कैसे पहचानेंगे ,कैसे हम बोलने और चिल्लाने में फर्क जानेंगे अपने शब्दों को अपनी आवाज को किस तरह से परिवर्तित कर लगातार प्रेक्टिस द्वारा हम एक अच्छे वक्ता बन सकते हैं.

उद्यमिता और ऊधमी के लिए किस तरह प्रभावी संप्रेषण अति आवश्यक है और बोलने की कला मात्र से ही कई क्षेत्रों में हम अपना परचम लहरा सकते है। इस प्रोग्राम का फीडबैक देते हुए बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा ज्योति अग्रवाल ने कहा की यह सेमिनार उनके व्यक्तित्व विकास की एक नई दिशा तय करेगा वह अपने अपने बोलने की कला को सुधार कर निश्चित रुप से भविष्य में एक बेहतर संप्रेषण कर सकती हैं।

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