युवा कैरियर निर्माण योजना : प्रतियोगी परीक्षाओं के पूर्व प्रशिक्षण सह मार्गदर्शन शिविर संपन्न

खुद ब खुद मेरे नजदीक आती गई मेरी मंजिल मेरा हौंसला देखकर

नारायणपुर : अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) दिनेश कुमार नाग ने कहा कि आज दिन प्रति दिन हर क्षेत्र में कम्पटीशन बढ़ता जा रहा है। कम्पटीशन आते ही लोग कोचिंग ढूंढने लगते है। बहुत से लोग सोचते है कि बिना कोचिंग के कोई भी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हो सकती। लेकिन ऐसा नहीं है, बिना कोचिंग के भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते है और परीक्षा पास कर सकते हैं। बस उसके लिए कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास जरूरी है। जीता जागता उदाहरण मै स्वयं आपके सामने हूॅं। मेरी शिक्षा भी आप के नारायणपुर के स्कूलों में ही हुई है। आज जितनी सुविधा है, वह हमारे समय में नहीं थी। लेकिन अपनी मेहनत और लगन से मैने यह मुकाम हासिल किया है।

उन्होने कहा कि-‘डर मुझे भी लगा फांसला देखकर पर में बढ़ता गया रास्ता देखकर, खुद ब खुद मेरे नजदीक आती गई मेरी मंजिल, मेरा हौंसला देखकर। नाग ने कहा कि किसी ने ठीक ही कहा है- सफलता की कोई पोशाक कभी तैयार नहीं मिलती, इसे बनाने के लिए मेहनत का हुनर चाहिए। आप भी इन्ही मूलमंत्रों और सकारात्मक सोच के साथ कर सकते है और कामयाबी के रास्ते में आगे बढ़ सकते है। एस.डी.एम. आज जिला मुख्यालय के क्रीडा परिसर में अवसर कोचिंग में आयोजित युवा कैरियर निर्माण योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण सह मार्गदर्शन शिविर में युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे ।

इस अवसर पर राजधानी रायपुर से आये विषय विशेषज्ञ अनिल तिवारी, निष्कर्ष आई.ए.एस अकादमी, वाई.के. उपाध्याय ने भी विधार्थियों को परीक्षा सफलता के मंत्र दिए । इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के.एस. मसराम भी उपस्थित थे। एसडीएम दिनेश नाग ने कहा कि जब हम किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना शुरू करते है तो समस्या सामने आती है कि शुरू कहां से किया जाये । कौन सी किताब पढ़े, किस लेखक की होनी चाहिए । यह सभी युवाओं की समस्या होती है।

उन्होने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा के टिप्स देते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा तैयारी करना शुरू करते हैं तो सबसे पहला चरण है ‘‘आत्मविश्वास’’ किसी भी सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी है। आपको अपने दिमाग में यह बैठा लेना चाहिए कि मै यह प्रतियोगी परीक्षा अपनी मेहनत लगन से पढ़ाई कर पास कर लूंगा। मुझे इसमें कोई समस्या नहीं आयेगी । आप हर मुश्किल परीक्षा की आधी दूरी तय कर लेंगे । उन्हांेने कहा कि आप नियमित पढ़ाई करें। अच्छे वातावरण भी उतना ही जरूरी है, जितना स्वस्थ शरीर के लिए स्नान ।

तनाव रहित रहे । नाग ने विधार्थियों से कहा कि आप जब कोई भी पुस्तक का अध्याय पढ़ते है, तो उसके नोटस भी बनाये उसका रिवीजन भी करते रहें। किसी भी पुरानी परीक्षा में पूछे गए 5-7 साल के प्रश्न पत्रों को भी हल करें । उन्होंने आगे कहा कि कुछ समय बाद आपको महसूस होने लगेगा कि आप बहुत कुछ जान चुके और आपको कोई भी परीक्षा आसान लगने लगेंगी।

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