युवाओं को इमरजेंसी के बारे में बताया जाए, पाठ्यक्रम में हो शामिल :उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया है

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल को पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए ताकि वर्तमान पीढ़ियों को पता चल सके कि आपातकाल क्या था। यह कैसे लगाया गया था? यह क्यों लगाया गया था?

हमें लोगों को शिक्षित करना है। आपातकाल को 43 साल पूरे हो गए हैं। 1975 में इंदिरा गांधी के शासनकाल में इमरजेंसी लगाई गई थी।इसी पर वेंकैया नायडू ने कहा, ‘आपातकाल, जो भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है, पाठ्यक्रम का एक हिस्सा होना चाहिए ताकि वर्तमान पीढ़ियों को पता चल सके कि आपातकाल क्या था। यह कैसे लगाया गया था? यह क्यों लगाया गया था? हमें लोगों को शिक्षित करना है।’

नायडू ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि 25 जून, 1975 (आपातकाल) की दुर्भाग्यपूर्ण रात के दौरान जो किया गया था, कोई भी समझदार सरकार उसे दोहराने की हिम्मत नहीं करेगी।उन्होंने ने कहा कि इमरजेंसी अब महज शब्द लगता है, लेकिन यह वास्तव में बहादुरी की कहानी और संघर्ष का उत्सव है, जो पाबंदियों और अधिकारों में कटौती के दौर को खत्म करने के लिए लड़ा गया था।

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