क्राइमराष्ट्रीय

दिल्ली में गिरफ्तार युसूफ बलरामपुर में जाना जाता था मुस्तकीम के नाम से

अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कम्प मच गया।

दिल्ली: दिल्ली में पकड़ा गया आईएसआईएस का सदस्य अबू युसूफ उर्फ बाबा बलरामपुर जिले के उतरौला कोतवाली क्षेत्र के बढ़या भैसाही गांव का रहने वाला है। यह बात सामने आते ही एटीएस ने बलरामपुर पुलिस के साथ पूरे गांव को सील कर तलाशी ली।

अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कम्प मच गया। गांव में युसूफ नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं था। पर, इस कार्रवाई से ही पता चला कि गांव का मुस्तकीम ही आईएसआईएस संगठन में यूसूफ नाम से जुड़ा हुआ था। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

दिल्ली के धौलकुआं में युसूफ की गिरफ्तारी के बाद ही कई राज खुलने लगे थे। इसी कड़ी में बलरामपुर गांव का नाम सामने आया तो यूपी पुलिस और यहां की एटीएस भी अलर्ट हो गई। पहले वह युसूफ बताकर सबको गुमराह करता रहा था। बाद में पता चला कि उसका असली नाम मुस्तकीम है और बढ़या गांव में रहने वाले कफील खान का बेटा है।

बलरामपुर पुलिस को दोपहर में पता चला

मुस्तकीम के पकड़े जाने की सूचनना जिले की पुलिस को नहीं थी। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा को बढ़या भैसाही गांव को सील करने का आदेश मिला। इसके बाद बढ़या भैसाही में एटीएस व दिल्ली पुलिस पहुंची। बताया जाता है कि मुस्तकीम के घर भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ की बरामदगी हुई है। एटीएस को मुस्तकीम के कमरे से कुछ धार्मिक साहित्य भी मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है।

पत्नी व बच्चों के नाम पासपोर्ट बना था

तलाशी में मुस्तकीम, उसकी पत्नी व चार बच्चों का पासपोर्ट भी बरामद हुआ है। हालांकि इस पासपोर्ट पर मुस्तकीम कहीं गया अथवा नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। गांव के कुछ लोगों ने दबी जुबान पुलिस को यह जरूर बताया कि मुस्तकीम अक्सर गायब हो जाता था, फिर वह कभी एक-दो महीने तो कभी 10-12 दिन में ही आ जाता था। वह कहां जाता था, इस बारे में उसके जवाब पर कई बार संशय बना रहता था।

कई घरों में हुई तलाशी

मुस्तकीम का गांव के कुछ घरों आना-जाना ज्यादा था। यह बात सामने आने पर एटीएस और पुलिस ने इस घरों में भी तलाशी ली। यहां से कुछ दस्तावेज व कुछ लोगों के मोबाइल कब्जे में ले लिये।

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