अंतर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने की वारदात का जाकिर नाईक ने किया समर्थन

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा में चरमपंथियों ने तोड़ा था हिंदू मंदिर

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हाल ही में कट्टरपंथियों की बेकाबू भीड़ ने हिंदुओं के एक मंदिर को तोड़ कर उसमें आग लगा दी. शर्मनाक घटना की दुनिया के कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने निंदा की लेकिन इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक इस घटना का समर्थन किया है.

स्थानीय मौलवी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के समर्थकों की अगुवाई में भीड़ ने पुराने मंदिर के साथ एक नए मंदिर का निर्माण कार्य भी ध्वस्त कर दिया. हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद सूबे के एक मंत्री ने घटना की निंदा की और पुलिस ने इस मामले में करीब 45 लोगों को गिरफ्तार किया है.

भारत में इसकी करतूतों का खुलासा होने के बाद से जाकिर के खिलाफ कई केस दर्ज हैं और वो दूसरे देश में छिपा बैठा है. विवादित चेहने ने इस बार अपने विवादित बयान में कहा कि इस्लामिक देश में मंदिर नहीं होने चाहिए. और अगर इस्लामिक देश में कोई मंदिर है तो उसे भी तोड़ देना चाहिए.

वांटेड इस्लामिक टेलीविजनिस्ट जाकिर नाइक ने एक बार फिर मंदिरों और मूर्ती पूजा पर आपत्तिजनक बयान दिया है. जाकिर नाइक ने मूर्तियों के विध्वंस का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लामिक देश में मूर्तियों की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए.

भगोड़े जाकिर नाइक का पूरा विवादित बयान जाकिर नाइक ने कहा कि इस्लाम में यह छवि बनाना मना है फिर चाहे वो पेंटिंग हो, ड्रॉइंग हो, या फिर किसी जीवित पशु पक्षी की मूर्तिकारी हो या फिर इंसानों की मूर्ति हो या फिर पक्षियों या फिर कीड़े मकौड़ों की. ये सब कुछ इस्लाम में मना है और इसके कई सारे सबूत हैं.

जाकिर नाइक ने अपनी बात को साबित करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद से जुड़े एक किस्से का उदाहरण दिया. कुरान की एक आयत सुनाते हुए जाकिर ने कहा कि मूर्ति कहीं भी नहीं बनाई जानी चाहिए और अगर ऐसा कुछ है तो इसे तोड़ दिया जाना चाहिए. एक इस्लामिक देश में कोई भी मूर्ति नहीं होनी चाहिए और अगर वह कहीं है तो उसे तोड़ दिया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि

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